राज्यपाल ने राजस्थान सरकार की ओर से पारित 3 कृषि विधेयकों पर लगाई रोक

जयपुर, 2 दिसंबर (युआईटीवी/आईएएनएस)| राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने केंद्रीय कृषि कानूनों को दरकिनार करने के लिए राजस्थान सरकार की ओर से दो नवंबर को पारित किए गए तीन कृषि विधेयकों पर बुधवार को रोक लगा दी। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने कहा कि तीनों विधेयकों को अनिश्चित काल के लिए रोक दिया गया है।

राज्य सरकार ने सितंबर में संसद द्वारा पारित तीन कृषि कानूनों में केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए ‘विवादित’ प्रावधानों को बदलने के लिए तीन कृषि विधेयकों को पारित किया है। अब ये तीन विधान राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही कानून बन सकते हैं। सूत्रों ने कहा कि राज्यपाल जब तक चाहें, तब तक इन विधेयकों को रोक सकते हैं।

कांग्रेस देशभर में तीन केंद्रीय कृषि कानूनों पर आपत्ति जता रही है। इन कानूनों के खिलाफ राजस्थान में भी विरोध जताया गया है। दो नवंबर को राज्य सरकार की ओर से पहले से ही केंद्र द्वारा पारित कृषि कानूनों के प्रावधानों को बदलने के लिए विधानसभा में तीन कृषि विधेयक पारित किए।

हैरानी की बात यह है कि पिछले एक महीने से इन विधेयकों को लेकर ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया, मगर महामारी विधेयक को हाल ही में राज्यपाल की मंजूरी मिली और साथ ही उन्होंने तीन कृषि विधेयकों को रोक दिया।

इनमें पहला विधयेक कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) राजस्थान संशोधन विधेयक 2020 है, जिसमें किसान के उत्पीड़न पर सात साल जेल की सजा और पांच लाख जुर्माने का प्रावधान है।

दूसरा विधेयक कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार राजस्थान संशोधन विधेयक है। इस विधेयक में संविदा खेती को लेकर कड़े प्रावधान है और किसान से एमएसपी से कम पर संविदा खेती का करार मान्य नहीं होने और एमएसपी से कम पर करार करने को बाध्य करने पर सात साल तक सजा और पांच लाख जुर्माने का प्रावधान किया है।

इसके अलावा तीसरा विधेयक आवश्यक वस्तु (विशेष उपबंध और राजस्थान संशोधन) विधेयक 2020 है, जो सरकार को कृषि वस्तुओं पर स्टॉक सीमा लगाने का अधिकार देता है। इस प्रावधान को केंद्र ने हटा दिया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published.